कूण/लसाडिया, 27 सितंबर।
लसाडिया उपखंड के कूण कस्बे में जैन धर्म के सबसे बड़े पर्वाधिराज पर्युषण पर्व का समापन क्षमायाचना के साथ हुआ।

रविवार को दशलक्षण महापर्व की समाप्ति पर श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर से भगवान आदिनाथ की भव्य रजत रथ यात्रा निकाली गई। बैंड-बाजों की मधुर धुन के साथ भगवान को रजत रथ में विराजित किया गया।

रथयात्रा जैन मंदिर से शुरू होकर बस स्टैंड, आजाद मोहल्ला, कोल्या जी बावजी होते हुए केर सागर तालाब पहुंची। इस दौरान पुरुष, महिला और बच्चों ने भक्ति में नाचते-गाते हुए शोभायात्रा में भाग लिया।

केर सागर तालाब पर भगवान की पूजा-अर्चना और महाआरती की गई। मंदिर में पर्युषण के अंतिम दिन समाजजनों ने एक-दूसरे से वर्ष भर में हुई गलतियों के लिए क्षमायाचना की। इसके बाद शोभायात्रा वापस आजाद मोहल्ला, पुराना कबूतर खाना, सदर बाजार होते हुए पुनः केर सागर पहुंची, जहां अभिषेक और महाआरती हुई।

महाआरती की बोली सोहनलाल गंगावत, आनंद कुमार, मंगल कुमार चिरंजीव जैन ने ली। इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कूण पुलिस थाने का जाप्ता मौजूद रहा।