*EXCLUSIVE: युगांडा का प्रसिद्ध SDM मंदिर, सात समंदर पार गूंजा नवरात्र महोत्सव, अफ्रीका में गरबा पर झूमे भारतीय उच्चायोग से लेकर बुसोगा किंगडम के उप-प्रधानमंत्री तक*

जिंजा, युगांडा। भारत से सात समंदर पार, जहाँ नील नदी बहती है, वहाँ के जिंजा शहर में इन दिनों कुछ ऐसा हो रहा है, जिसे देखकर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। युगांडा का सबसे प्रसिद्ध और आस्था का सबसे बड़ा केंद्र SDM TEMPLE जिंजा इन दिनों नवरात्रि महोत्सव के रंग में रंगा हुआ है और पूरा अफ्रीका गरबा की थाप पर झूम रहा है। ये सिर्फ मंदिर नहीं है, ये अफ्रीका में बसा मिनी भारत है, मिनी गुजरात है।

SDM मंदिर में नवरात्रि के पावन दिनों में माता रानी का हर दिन अलग और दिव्य श्रृंगार किया जा रहा है। इस बार माता रानी हरे रंग की बनारसी पोशाक, सफेद जरी वाली चुनरी और ताजे गुलाब के फूलों की माला में सजी हुई हैं। हाथ में खड्ग और मुकुट धारण किए माता का यह शक्तिशाली स्वरूप भक्तों को अभय प्रदान कर रहा है। मंदिर के गर्भगृह को गेंदे के पीले-नारंगी फूलों, गुजराती चक्र झालरों और रंग-बिरंगी झालरों से दुल्हन की तरह सजाया गया है।

जब गरबा गूंजा तो भारतीय दूतावास से लेकर बुसोगा किंगडम एक मंच पर आया

इस नवरात्र महोत्सव की सबसे बड़ी ताकत है इसकी एकता। SDM टेम्पल में आयोजित मुख्य गरबा महोत्सव में युगांडा के सबसे बड़े दिग्गज एक साथ माता के दरबार में हाजिर हुए, जो युगांडा में भारतीय संस्कृति के सम्मान की सबसे बड़ी मिसाल है।

इस भव्य शाम के मुख्य अतिथि थे भारतीय उच्चायोग कंपाला के चार्ज डी' अफेयर्स योगेन्द्र सिंह*, जिन्होंने पूरे भारतीय समुदाय के साथ गरबा पंडाल में शिरकत की। उनके साथ युगांडा के सबसे बड़े औद्योगिक घराने *माधवानी ग्रुप के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर श्री मयूर माधवानी* खुद माता के दरबार में मौजूद रहे। स्थानीय राजशाही और प्रशासन का भी पूरा आशीर्वाद मिला। बुसोगा किंगडम के द्वितीय उप-प्रधानमंत्री हाजी उस्मान अहमद नूर और जिंजा सिटी के मेयर अब्दुलहफीज नागया* ने भी हिंदू समुदाय के साथ इस उत्सव को मनाया। यह दृश्य बताता है कि युगांडा में हिंदू-मुस्लिम एकता कितनी मजबूत है। इसके अलावा *कंसाई प्लास्कॉन युगांडा लिमिटेड के एमडी संतोष गुमटे अपनी पत्नी के साथ और इंडियन एसोसिएशन युगांडा के चेयरमैन परेश भाई मेहता* ने भी गरबा की रंगत बढ़ाई।

SDM टेम्पल की टीम - जिसने अफ्रीका में भारत बसाया

इस पूरे ऐतिहासिक आयोजन के पीछे SDM टेम्पल जिंजा की मजबूत टीम है। चेयरमैन मिनेश पटेल और वाइस चेयरमैन पीयूष कोटेचा* के नेतृत्व में मंदिर कमेटी ने महीनों की तैयारी के बाद इस भव्य आयोजन को अंजाम दिया। नवरात्रि का अर्थ ही है नौ रातें, जो शक्ति और माँ दुर्गा को समर्पित है। गुजरात के गरबा को यूनेस्को ने मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत घोषित किया है, उसी गरबा की गूंज अब जिंजा में सुनाई दे रही है।

यह जानकारी युगांडा में बसे प्रवासी भारतीय और मूलत: उदयपुर के मेनार गांव निवासी राधेश्याम मेनारिया ने दी।