जयपुर/उदयपुर।* मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बड़ा मुकाम हासिल किया है। केंद्र सरकार की 10 पॉइंट वाली रैंकिंग में राजस्थान ने 43.5 अंक लाकर देश में चौथा स्थान पाया है।

कौन-कौन से राज्य आगे?
भारत सरकार के मूल्यांकन में असम 55.5 अंक के साथ पहले, यूपी 47.5 अंक के साथ दूसरे नंबर पर रहा। राजस्थान चौथे नंबर पर आकर देश के टॉप राज्यों में शामिल हो गया है। इसके बाद उत्तराखंड, हरियाणा और महाराष्ट्र हैं।

टेक्नोलॉजी में राजस्थान नंबर-1
राजस्थान की सबसे बड़ी जीत टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल में रही। दो सबसे अहम पैमानों में राजस्थान को पूरे 10 में से 10 अंक मिले हैं -
1. फसल कटाई प्रयोग (CCE) ऐप से:* राजस्थान में 90% से ज्यादा CCE ऐप से ऑनलाइन हुए, जो देश में सर्वाधिक है।
2. उपज आकलन:90% से ज्यादा जिलों में तकनीक आधारित उपज आकलन लागू करने पर भी पूरे 10 अंक मिले।

इसके अलावा KCC खातों के एनरोलमेंट में 7.5 और शिकायत निवारण में 6 अंक मिले।

किसानों को 4.5 गुना ज्यादा पैसा वापस*
कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि खरीफ 2016 से खरीफ 2026 तक प्रदेश में 25.47 करोड़ फसल बीमा पॉलिसी बनी हैं।

किसानों ने इस दौरान सिर्फ 7800 करोड़ रुपए प्रीमियम भरा, जबकि बदले में उन्हें 35,600 करोड़ रुपए का क्लेम मिला है। यानी भरे गए प्रीमियम का 4.5 गुना। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार ने 19-19 हजार करोड़ का प्रीमियम अंशदान दिया।

भू-अभिलेख एकीकरण में भी तीसरा स्थान
राजस्थान देश का तीसरा राज्य बन गया है जिसने फसल बीमा पोर्टल को जमीन के रिकॉर्ड से जोड़ा है। प्रदेश के 52,946 गांवों में से 47,028 यानी 89% गांवों का भू-अभिलेख पोर्टल से जुड़ चुका है।

फर्जीवाड़े पर जीरो टॉलरेंस
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने कहा कि योजना को सिर्फ क्षतिपूर्ति तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत फर्जी क्लेम करने वालों पर 10 से ज्यादा FIR दर्ज हो चुकी हैं। अधिकारियों को 100?E ऐप से करने और भ्रष्टाचार में शामिल कर्मचारी को सीधे बर्खास्त करने के निर्देश दिए गए हैं।