उदयपुर नगर निकाय चुनाव 2026: भीण्डर में भाजपा की गुटबाजी उजागर

उदयपुर, 16 सितम्बर। जिले की 6 नगर निकायों में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन का अंतिम दिन बुधवार को संपन्न हुआ। कुल 21 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किए, जिनमें भीण्डर से सर्वाधिक 6 उम्मीदवार शामिल हैं। इस बीच, भीण्डर नगर पालिका में भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी की खबर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। कांग्रेस ने 25 सीटों में से 13 पर विजय प्राप्त की है।प्रमुख नामांकन:

  • उदयपुर नगर निगम: भाजपा से पारस सिंघवी, कांग्रेस से डॉ. पूनम राठौड़
  • मावली: कांग्रेस से पुष्पा कुमारी, भाजपा से राकेश कुमार मीणा
  • भीण्डर: भाजपा से सुरेशकुमार जैन, मीना व गणेशलाल; कांग्रेस से सुंदरलाल व गोपाल; निर्दलीय चमनलाल
  • वल्लभनगर: कांग्रेस से रामी व सोवनी, भाजपा से लीला भील व भोलीबाई भील
  • फतहनगर-सनवाड़: कांग्रेस से सोसर, भाजपा से प्रियंका, सीमा व रमादेवी; निर्दलीय ममता
  • कानोड़: कांग्रेस से रोनक स्वर्णकार, भाजपा से शिवकुमारी सोनी

चुनावी कार्यक्रम: 17 सितंबर को संवीक्षा, 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी, 21 सितंबर को सुबह 10 से 2 बजे तक मतदान और उसी दिन मतगणना होगी। उपाध्यक्ष का चुनाव 22 सितंबर को होगा।

भीण्डर में भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी उजागर

सूत्रों के अनुसार, भीण्डर में भाजपा के 12 पार्षदों की जीत के बावजूद, अध्यक्ष पद के प्रत्याशी को अपनी ही पार्टी का प्रस्तावक नहीं मिला और कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर जीते पार्षद को प्रस्तावक बनाना पड़ा। इससे स्पष्ट है कि पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी ने पार्टी को चुनाव में काफी नुकसान पहुंचाया है। पूर्व विधायक रणधीर सिंह भींडर ने सोशल मीडिया पर दिए साक्षात्कार में वर्तमान विधायक उदय लाल डांगी के साथ तालमेल न बैठ पाने की बात कही है। इस बीच, गणपत लाल मेनारिया और हिम्मत सिंह झाला जैसे वरिष्ठ नेता चुनाव प्रचार में सक्रिय नहीं दिखे।यह घटनाक्रम भाजपा के लिए चिंताजनक है क्योंकि गुटबाजी ने पार्टी की छवि और एकता को प्रभावित किया है।