उदयपुर में पशुचिकित्सा प्रसार सोसायटी के 11वें राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ

उदयपुर के नवानिया स्थित पशुचिकित्सा महाविद्यालय में पशुचिकित्सा प्रसार सोसायटी के 11वें राष्ट्रीय सम्मेलन का आगाज हुआ। इस कार्यक्रम में देशभर के 200 से अधिक विशेषज्ञों ने भाग लिया, जहां पशुधन की उभरती चुनौतियों और प्रसार सेवाओं को डिजिटल और प्रभावी बनाने पर गहन चर्चा की गई।

  • सम्मेलन का विषय: 'पशुधन क्षेत्र की उभरती चुनौतियों के समाधान हेतु पशुचिकित्सा प्रसार सेवाओं का पुनर्विन्यास'
  • मुख्य अतिथि: डॉ. के.सी. वीरन्ना, कुलपति, कर्नाटक पशुचिकित्सा, पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय
  • विशिष्ट अतिथि: डॉ. नरेंद्र सिंह राठौर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व उपमहानिदेशक
  • अध्यक्षता: डॉ. सुमंत व्यास, कुलगुरु, राजस्थान पशुचिकित्सा विश्वविद्यालय
  • सम्मेलन के दौरान स्मारिका और नए लोगो का विमोचन

महत्वपूर्ण बात यह है कि पशुधन क्षेत्र में उभरती चुनौतियों के समाधान के लिए प्रसार सेवाओं को डिजिटल माध्यम से अधिक प्रभावी बनाना आवश्यक है। विशेषज्ञों ने इस दिशा में राष्ट्रीय फ्रेमवर्क तैयार करने पर जोर दिया।सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में विशेषज्ञों ने प्रसार सेवाओं को वैज्ञानिक, डॉक्टर और पशुपालक के बीच संवाद का माध्यम बताया। डॉ. वीरन्ना ने डिजिटल तकनीक और संचार माध्यमों के महत्व पर जोर दिया। डॉ. सुमंत व्यास ने प्रसार शिक्षा के पुनर्विन्यास की आवश्यकता बताई, जबकि डॉ. राठौर ने अच्छे पशुचिकित्सक के गुणों पर प्रकाश डाला।इस सम्मेलन में विशेषज्ञों ने अपने शोध अनुभव साझा किए, जिससे पशुचिकित्सा क्षेत्र में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए नई रणनीतियों को आकार देने में मदद मिलेगी।