उदयपुर में पशुचिकित्सा सम्मेलन का भव्य समापन
उदयपुर, 13 सितंबर। पशुचिकित्सा महाविद्यालय नवानिया द्वारा आयोजित 11वें राष्ट्रीय पशुचिकित्सा प्रसार सोसायटी सम्मेलन का समापन आरसीए सभागार में अत्यंत सफलतापूर्वक हुआ।यह दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन पशुचिकित्सा प्रसार सेवाओं को आधुनिक और पशुपालक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मंथन का मंच बना। इसमें देशभर से 200 से अधिक वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और विद्यार्थियों ने भाग लिया और अपने विचार प्रस्तुत किए।
मुख्य अतिथियों के विचार:
- मुख्य अतिथि डॉ. एस.के. शर्मा (सहायक महानिदेशक, ICAR) ने कहा कि प्रसार शिक्षा को AI, डिजिटल तकनीक, रिमोट सेंसिंग और वन हेल्थ से जोड़ना आज की आवश्यकता है।
- अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) शिव शर्मा ने प्राकृतिक और जैविक पशुपालन पर जोर देते हुए इसके महत्व को रेखांकित किया।
- विशिष्ट अतिथि डॉ. लोकेश गुप्ता ने कृषि और पशुचिकित्सा के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
सम्मानित वैज्ञानिक:
सम्मेलन के मुख्य आकर्षण में सम्मान समारोह था जहां विभिन्न श्रेणियों में वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया:
- नेशनल फेलो अवॉर्ड: डॉ. पीताम्बर स्वामी और डॉ. के. नच्चीमुत्तु
- यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड: डॉ. अजय कुमार चतुर्वेदी
- वूमेन साइंटिस्ट अवॉर्ड: डॉ. पी.आर. निशा
तकनीकी सत्र:
सम्मेलन में 5 तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिसमें मौखिक और पोस्टर प्रस्तुतियों के विजेताओं को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।इस सम्मेलन ने पशुचिकित्सा क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के समावेश और नवाचारों के प्रति जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभाई।
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