*उदयपुर, 8 सितंबर।* मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय में नवप्रवेशित बीएड विद्यार्थियों के लिए अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित हुआ।

मुख्य अतिथि कुलगुरु प्रो. कैलाश डागा ने कहा कि शिक्षक बनने जा रहे विद्यार्थियों में धैर्य, सहनशीलता और दूरदृष्टि जैसे गुण होने जरूरी हैं। उन्होंने कृष्ण, चाणक्य-चंद्रगुप्त, शिवाजी-समर्थ रामदास और विवेकानंद-रामकृष्ण परमहंस के उदाहरणों से गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व समझाया और विद्यार्थियों से भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।

मुख्य वक्ता प्रो. प्रभा बाजपेयी ने तकनीक के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर दिया। प्रो. साधना कोठारी और संकाय अध्यक्ष प्रो. नवीन नंदवाना ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।

दूसरे सत्र में विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की जानकारी दी गई और 'स्व की समझ' विषय पर मनोवैज्ञानिक परीक्षण हुआ। संचालन डॉ. सपना मावतवाल व डॉ. स्वाति लोडा ने किया और आभार डॉ. कुमुद पुरोहित ने व्यक्त किया।