उदयसागर बांध से बागोलिया बांध तक 27.615 KM फीडर निर्माण प्रगति पर, 189 करोड़ की लागत, मावली के डार्क जोन क्षेत्र को मिलेगा स्थायी जल समाधान।

उदयपुर जिले के मावली क्षेत्र के किसानों की दशकों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है। भूजल के लिहाज से डार्क जोन घोषित हो चुके मावली में अब पानी की किल्लत स्थायी रूप से खत्म होगी। जल संसाधन विभाग उदयसागर बांध के मानसून में बर्बाद होने वाले अधिशेष जल को बागोलिया बांध तक लाने के लिए 27.615 किलोमीटर लंबा बागोलिया फीडर बना रहा है।

19 साल से नहीं भरा बागोलिया, इसलिए बना फीडर
अधिकारियों ने बताया कि अनियमित बारिश के कारण बागोलिया बांध पिछले कई सालों से पूरा नहीं भर पा रहा था। 19 साल से ओवरफ्लो नहीं होने से मावली के किसान परेशान थे। इसी को देखते हुए यह जल डायवर्जन योजना बनाई गई है। इस फीडर से उदयसागर का अतिरिक्त पानी सीधे बागोलिया में डायवर्ट होगा।

189 करोड़ का बजट, 2027 तक टारगेट
परियोजना के लिए DMFT फंड से 189.29 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं। 142.86 करोड़ के वर्क ऑर्डर पर काम चल रहा है। पहले डेडलाइन अक्टूबर 2028 थी, लेकिन सरकार ने इसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का टारगेट दिया है। अभी जमीन अधिग्रहण अंतिम चरण में है और मौके पर कट एंड कवर, टनल और नहर का काम तेजी से चल रहा है।

मावली के इन 17 गांवों को सीधा फायदा
इस परियोजना से मावली तहसील के 17 से अधिक गांवों में स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी। कुल 3676 हेक्टेयर क्षेत्र को लाभ होगा।

लाभान्वित गांव: मर्दी, नाई का ढाणा, बोर का कुआं, सालेरा खुर्द, मीणाखेड़ा, गायरीयावास, फतहपुरा, लोपड़ा, मावली, बीडघास, राहमी, चीपीखेड़ा, गोलवाड़ा, गंदोली खेड़ा, बिशनपुरा, लदाननी, टेरिया, कालाखेत, वासनीकलां, गोवर्धनपुरा और खेमपुर।

सिर्फ सिंचाई नहीं, पेयजल और भूजल भी सुधरेगा
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है। बागोलिया में पानी आने से पूरे मावली क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति मजबूत होगी। भूजल स्तर जो लगातार गिर रहा है, उसमें भी सुधार की उम्मीद है। इससे स्थानीय कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

मावली क्षेत्रवासियों के लिए यह परियोजना दशकों पुरानी जल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में सबसे बड़ा कदम मानी जा रही है।