स्वतंत्र पत्रकार माधव मेनारिया

Mbc24news.in पर अंतरराष्ट्रीय रामसर साइट 'बर्ड विलेज' मेनार की बदहाली और ब्रह्म-सागर तालाब में सीवरेज का जहर घोले जाने को लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित करने का बड़ा असर हुआ है। खबर में सीएम पोर्टल पर फर्जी निस्तारण का खुलासा होने के बाद आखिरकार ग्राम पंचायत मेनार के जिम्मेदार नींद से जागे हैं।

मामले में ग्राम पंचायत मेनार के ग्राम विकास अधिकारी *रामदीन* ने संवाददाता को बताया कि -

> "रणजीत जैन के मकान से बालिका विद्यालय की ओर 5 लाख रुपये की लागत से नाला निर्माण की स्वीकृति विधायक मद से हो चुकी है। नाले का कार्य शुरू कर दिया गया है और प्रगति जारी है।"

गौरतलब है कि मेनार गांव का मुख्य राम रास्ता और बालिका विद्यालय के सामने का मार्ग महीनों से सीवरेज के गंदे पानी और कीचड़ से भरा था। इसी कीचड़ से होकर रोज सैकड़ों स्कूली बच्चों को गुजरना पड़ रहा था। ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन 181 पर शिकायत की तो पंचायत कार्मिकों ने उसे "गलत और भ्रामक" बताकर बंद कर दिया था।

मीडिया ने इस पूरे मामले को *'बर्ड विलेज संकट में'* शीर्षक से उजागर किया था, जिसके बाद प्रशासन की आखें खुली और अंततः 5 लाख के नाले का काम शुरू हुआ