भीण्डर पंचायत समिति के अंतर्गत जैविक खेती प्रशिक्षण: किसानों के लिए नवाचारी पहल

भीण्डर पंचायत समिति की नवगठित खेड़ी पंचायत के गंगेश्वर महादेव मंदिर परिसर, सुरखण्ड में शनिवार को एक दिवसीय जैविक खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने किसानों को आधुनिक और पारंपरिक तकनीकों के संगम से परिचित कराया।प्रमुख बिंदु:

  • प्रशिक्षण में सुरखण्ड, बोड़ीमगरी, हरजी बुझ की भागल, खेड़ी, कलालों की छतरी और पीपलवास गांवों के 45 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।
  • कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे संभागी परिचय के साथ हुई।

संस्थापक हीरालाल जी शर्मा ने किसानों को संबोधित करते हुए पारंपरिक खेती में वैज्ञानिकता जोड़कर उत्पादन बढ़ाने के उपाय साझा किए। उन्होंने खाद के गड्ढे, जीवामृत, उन्नत बीज के उपयोग और रासायनिक खाद की जगह देशी खाद तैयार करने पर जोर दिया।कृषि वैज्ञानिक डॉ. चपलोत ने फलोद्यान और पशु सुधार के गुर बताए, जबकि कृषि विभाग के पर्यवेक्षक महेश मीणा ने सरकार की तारबंदी योजना, बैल जोड़ी, पाइप लाइन पर मिलने वाली सब्सिडी और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी।इस दौरान पूर्व उपसरपंच ओंकारेश्वर रावत, उदयलाल रावत, प्रेमलाल रावत, शिवसिंह रावत, खुमान महाराज और कृषक मित्र नारायण रावत ने भी अपने विचार रखे।कार्यक्रम का संयोजन सुरेश रावत ने किया, संचालन राजमल शर्मा ने किया और अंत में उम्मेद महाराज ने सभी का आभार व्यक्त किया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने किसानों को जैविक खेती के महत्व और सरकार की सहायक योजनाओं की जानकारी देकर उनकी कृषि उत्पादकता में सुधार का मार्ग प्रशस्त किया।